जिलाधिकारी आलोक यादव की अध्यक्षता में हुई जिला स्वास्थ्य व पोषण समिति की बैठक; NRC और SNCU को बेहतर करने का आदेश।
नवचेतन सत्यभाष / अजीत कुमार श्रीवास्तव, न्यूज एडिटर
शामली। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति और जिला पोषण समिति की बैठक में जिलाधिकारी आलोक यादव ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। बैठक के दौरान विभागीय कार्यक्रमों की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने साफ लहजे में कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लापरवाह अधिकारी पर गिरी गाज
समीक्षा बैठक के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) कांधला के चिकित्सा अधीक्षक विभागीय बिंदुओं पर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर जिलाधिकारी ने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्हें जमकर फटकार लगाई। साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) को संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के मुख्य बिंदु
SNCU में बढ़ेंगे बेड: स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट में यदि बेड कम पड़ रहे हैं, तो नवजात शिशुओं के बेहतर इलाज के लिए तुरंत अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जाए।
एनआरसी (NRC) में बढ़ाएं भर्ती: पोषण पुनर्वास केंद्र में अधिक से अधिक कुपोषित बच्चों को भर्ती कर उनका सही उपचार और पोषण सुनिश्चित किया जाए।
ऑन-कॉल एनेस्थेटिस्ट की तैनाती: एनेस्थेटिस्ट की कमी को दूर करने के लिए जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से ऑन-कॉल चिकित्सकों को सूचीबद्ध (पैनल) किया जाए ताकि इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित न हों।
SAM बच्चों के लिए चलेगा संयुक्त अभियान
इसके बाद आयोजित जिला पोषण समिति की बैठक में डीएम ने स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास विभाग (ICDDS) को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गंभीर अति कुपोषित (SAM) बच्चों को चिन्हित कर उन्हें शासन की पोषण योजनाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं से सीधे जोड़ा जाए।
बैठक का प्रस्तुतीकरण जिला कार्यक्रम प्रबंधक आशुतोष कुमार श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी बृजेन्द्र शुक्ल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. तृतीय कुमार सक्सेना, एसीएमओ डॉ. अतुल बंसल, डीआईओ डॉ. करन चौधरी और सभी चिकित्सा अधीक्षक मौजूद रहे।
