टिटौली के राम मेहर कश्यप का सबसे छोटा बेटा लक्की चढ़ा झोलाछाप के इलाज की चढ़ी भेंट, परिजनों का क्लीनिक पर भारी हंगामा।
न्यूज एडिटर अजीत कुमार श्रीवास्तव (नवचेतन सत्यभाष) की रिपोर्ट
शामली (यूपी): झिंझाना कस्बे में एक झोलाछाप डॉक्टर के कथित गलत इलाज और जहरीले इंजेक्शन के कारण एक साल के मासूम की मौत का दर्दनाक मामला सामने आया है। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने क्लीनिक पर जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को हिरासत में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इलाज के एक घंटे के भीतर ही मासूम ने तोड़ा दम
ग्राम टिटौली निवासी राम मेहर कश्यप अपने 1 वर्षीय बेटे लक्की (5 बच्चों में सबसे छोटा) को बुखार होने पर कस्बे के डॉक्टर शमशाद के पास ले गए थे। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाते ही बच्चे की हालत अचानक बिगड़ने लगी। परिजन उसे संभाल पाते, इससे पहले ही लगभग एक घंटे के भीतर मासूम लक्की की मौत हो गई। हालांकि, क्लीनिक के कर्मचारी का दावा है कि बच्चा इंजेक्शन लगने के बाद सही हालत में घर गया था।
मासूम का पोस्टमार्टम, पुलिस कार्रवाई के बीच समझौते की चर्चाएं गर्म
मामले की गंभीरता को देखते हुए कस्बा इंचार्ज पुलिस उप निरीक्षक राकेश गौतम ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट आने के बाद सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, देर रात कस्बे में कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा पीड़ित परिवार और डॉक्टर के बीच आपसी समझौते के प्रयास किए जाने की चर्चाएं भी तेजी से फैल रही हैं।
