Sunday, November 1, 2026

शामली पुलिस के सत्यापन में बड़ी चूक का आरोप

चरित्र प्रमाणपत्र में दर्ज कर दिया ऐसा मुकदमा जिस पर पीड़ित का दावा—कभी हुआ ही नहीं

अजीत कुमार श्रीवास्तव।न्यूज एडिटर, नवचेतन सत्यभाष

विदेश जाने की तैयारी कर रहे युवक के चरित्र प्रमाणपत्र में मुकदमे का जिक्र, शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुंचा पीड़ित — सत्यापन करने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी उठाए सवाल

शामली। विदेश जाने का सपना लेकर जरूरी दस्तावेज तैयार करा रहे एक युवक के लिए पुलिस सत्यापन की कथित गलती मुसीबत बन गई। चरित्र प्रमाणपत्र में ऐसे मुकदमे का उल्लेख किए जाने का आरोप है, जिसे युवक अपने खिलाफ दर्ज होने से ही इनकार कर रहा है। मामले को लेकर पीड़ित ने शामली पुलिस की सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। युवक ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और सत्यापन करने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका की पड़ताल कराने की मांग की है।मामला शामली जनपद के चौसाना क्षेत्र का है। चौसाना निवासी रवि पुत्र अशोक ने विदेश जाने के लिए आवश्यक दस्तावेज तैयार करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस की वेबसाइट के माध्यम से चरित्र प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। आवेदन के बाद झिंझाना पुलिस की ओर से सत्यापन किया गया। आरोप है कि सत्यापन के बाद जारी चरित्र प्रमाणपत्र में रवि के खिलाफ वर्ष 2022 में मुकदमा दर्ज होने का विवरण और विभिन्न धाराओं का उल्लेख कर दिया गया।

प्रमाणपत्र डाउनलोड करने पर सामने आई कथित गड़बड़ी

रवि का कहना है कि उसे चरित्र प्रमाणपत्र में दर्ज मुकदमे की जानकारी उस समय हुई, जब उसने जारी प्रमाणपत्र डाउनलोड किया। दस्तावेज में मुकदमा संख्या 322 और वर्ष 2022 का उल्लेख देखकर वह हैरान रह गया। पीड़ित का दावा है कि उसके खिलाफ ऐसा कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। इसके बाद उसने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों से शिकायत करने का निर्णय लिया।

हिंदुस्तान की खबर में भी उठा मामला, एसपी से जांच की मांग

इस प्रकरण को लेकर प्रकाशित समाचार में बताया गया है कि रवि ने पुलिस अधीक्षक शामली को शिकायत भेजकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। शिकायत में कथित गलत सत्यापन रिपोर्ट तैयार करने और उसे प्रमाणपत्र में शामिल किए जाने के कारणों की पड़ताल करने की बात कही गई है। साथ ही, सत्यापन करने वाले संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कराने की मांग भी उठाई गई है।

सवालों के घेरे में सत्यापन प्रक्रिया

इस मामले ने पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज न होने वाले मुकदमे का विवरण उसके चरित्र प्रमाणपत्र में शामिल हो जाता है, तो इसका असर उसके विदेश जाने, रोजगार और अन्य जरूरी दस्तावेजों की प्रक्रिया पर पड़ सकता है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि प्रमाणपत्र में दर्ज मुकदमे का विवरण किस रिकॉर्ड के आधार पर शामिल किया गया और सत्यापन के दौरान तथ्यों की पुष्टि किस प्रकार की गई।

एक अन्य महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि वर्ष 2022 के कथित मुकदमे का विवरण भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के साथ किस आधार पर दर्शाया गया। भारतीय न्याय संहिता 1 जुलाई 2024 से लागू हुई थी। इसलिए पुराने मुकदमे के संबंध में धाराओं का उल्लेख किस प्रक्रिया के तहत किया गया, इसकी भी आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।जांच के बाद ही सामने आएगी वास्तविक स्थिति

फिलहाल मामला पीड़ित की शिकायत और उसके आरोपों के आधार पर सामने आया है। पुलिस की ओर से इस प्रकरण में आधिकारिक स्पष्टीकरण और जांच का परिणाम सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि चरित्र प्रमाणपत्र में मुकदमे का विवरण किस आधार पर दर्ज हुआ और इसमें लापरवाही या किसी अन्य प्रकार की त्रुटि हुई है या नहीं।अब देखना होगा कि शामली पुलिस इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है और पीड़ित को कथित गलत सत्यापन से राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं ?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Advertisements
राशिफल
सोने की कीमत
लाइव स्कोर
आज का मौसम

यह भी पढ़ें

error: Content is protected !!